Swami Dayanand Sarswati Paschim Ki Dristi Me

स्वामी दयानन्द सरस्वती पश्चिम की दृष्टि में

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Book is collection of opinions given by 63 Western Scholars about Maharshi Dayanand Saraswati on various platforms

विश्व भर के 63 पाश्चात्य विद्वानों के महर्षि दयानन्द सरस्वती के प्रति विचारों का बहुमूल्य संकलन इस पुस्तक में किया गया है |

Language: Hindi
SKU: 19122 Category:

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Cover Paper Back
Length (cms) 21.5
Width (cms) 14.0
Height (cms) 1.3
Qty Single Book
Translation / Original Original
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Current Copy Year 2001
Total Page 206

 

 

 

 

इस पुस्तक में महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के जीवन और कार्यों पर विभिन्न 63 पश्चिम के लेखकों, विचारकों, व राजनीतिज्ञों के विचारों को प्रस्तुत (संकलित) किया गया हैं। जैसे-रौमां रौला-फ्रांस के साहित्यकार तथा विचारक, आर.एल. टर्नर-लंदन विश्वविद्यालय के प्रोेफेसर, एम.मोनियर विलियम्स (सर) आॅक्सफोर्ड वि.वि. में संस्कृत के प्रोफेसर आदि। पांच लेख परिशिष्ट में भी दिये गये है, जो महत्वपूर्ण हैं। पश्चिम के लोगों की दृष्टि में दयानन्द क्या थे, कैसे थे, भारत तथा अखिल विश्व के लिए उनका योगदान क्या था, ये सब इस पुस्तक में एकत्र करने का लेखन ने प्रयास किया है। ऋषि का जीवन व कार्य बहुत व्यापक था, फिर भी यथा सम्भव लेखक का प्रयास प्रशंसनीय है। ऋषि जी की ख्याति बहुत अल्प समय में ही सम्पूर्ण विश्व में विख्यात (प्रसिद्ध) हो गयी थी। इसका प्रमाण यह पुस्तक है। इसलिए प्रत्येक आर्य ऋषि भक्त को इस पुस्तक को जरुर पढ़ना चाहिए। Specifications : Cover Paper Back Length (cms) 21.5 Width (cms) 14.0 Height (cms) 1.3 Qty Single Book Translation / Original Original Translator Current Copy Year 2001 Total Page 206
Weight 260 g
Dimensions 21.5 × 14.0 × 1.3 cm
Language

Hindi

Authors

Dr. Bhawani Lal Bhartiya

Publisher

Dayanand Adhyayan Sansthan

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